Wednesday, September 19, 2018

मोहन भागवत बोले- राम जन्मभूमि पर बनना चाहिए भव्य मंदिर, इमाम ए हिंद हैं भगवान

भागवत ने कहा कि हिंदुत्व एक प्रक्रिया है जो हमेशा चलती रहती है. इसमें सभी का योगदान है.

Sep 19, 2018

  • 19:45(IST)
    भागवत ने कहा कि संघ में सारे काम सर्वसहमति से होते हैं. कोई तानाशाही नहीं होती. 
  • 19:43(IST)
    संघ के पंजीकरण के सवाल पर भागवत ने कहा कि संघ का निर्माण स्वतंत्रता से पहले हुआ, बाद में हमें इंडिविजवल बॉडी का स्टेटस मिला. इसलिए हमसे टैक्स नहीं लिया जाता. लेकिन हम ऑडिट करवाते हैं. अगर सरकार हिसाब मांगेगी तो हमारे पास सब मौजूद है.  
  • 19:29(IST)
    राम मंदिर मामले पर भागवत ने कहा कि संघ के नाते हमारा मानना है कि राम मंदिर बनना चाहिए.इस मामले पर अध्यादेश का मामला सरकार के पास है और आयोजन रामजन्म भूमि मुक्ति संघर्ष समिति के पास है. आंदोलन में क्या करना है यह उच्चाधिकार समिति तय करती है. अगर मुझसे सलाह मांगी जाएगी तो मैं बताऊंगा. भगवान राम केवल भगवान नहीं हैं वह इमामे हिंद हैं. 
  • 19:25(IST)
    भागवत ने कहा,गांवों के विकास से ही देश का विकास हो सकता है.  
  • 19:19(IST)
    भागवत ने कहा कि अगर ज्यादा संघ में आओगे तो संघ वाले बन जाओगे. यह मैं कह रहा हूं. उन्होंने कहा कि राजनीति केवल लोक कल्याण के लिए होना चाहिए. 
  • 19:17(IST)
    भागवत बोले हम राजनीति नहीं करते और न ही किसी दल का समर्थन करते हैं. हम केवल नीति का समर्थन करते हैं. 
  • 19:13(IST)
    जम्मू-कश्मीर मसले पर भागवत ने कहा, धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए पर हमारे विचार सर्वोपरि हैं. ये दोनों नहीं रहना चाहिए. 
  • 19:10(IST)
    भागवत ने कहा, अल्पसंख्यकों और मुस्लिम समाज में अगर भय है तो मैं उनसे कहूंगा कि आप संघ में आइए और हमें अंदर से देखिए. डरने की जरूरत नहीं है. सभी अपने हैं, कोई पराया नहीं है. हम केवल राष्ट्रीयता की बात करते हैं जिसमें सभी शामिल हैं. 
  • 19:06(IST)
    समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सवाल पर भागवत ने कहा, जो लोग इस विचार के हैं, वह हमारे समाज का ही हिस्सा हैं, इसलिए उनके लिए अलग से व्यवस्था करना चाहिए. अगर किसी में ऐसी अस्वस्थता या अलग भाव है तो वह हमारे समाज से अलग न हो, हमें इसके लिए व्यवस्था करनी होगी. समय बहुत बदल रहा है लेकिन इसे देश की प्रमुख समस्या बनाकर हो-हल्ला करने की जरूरत नहीं है. समाज को स्वस्थ रखते हुए ऐसे लोगों की व्यवस्था करना चाहिए. 
  • 19:01(IST)
    भागवत ने एससी/एसटी कानून के बारे में कहा कि यह अच्छी बात है लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. 
  • 19:00(IST)
    आरक्षण के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि संविधान में दिए गए सभी आरक्षण को संघ का समर्थन है और रहेगा. उन्होंने कहा आरक्षण समाज की समस्या नहीं है, यह राजनीति की समस्या है. 
  • 18:52(IST)
    गोरक्षा और मॉब लिंचिंग के मामले में भागवत ने कहा, अपराधियों को सजा होनी चाहिए और कानून तोड़ने वालों को किसी हालत में नहीं छोड़ना चाहिए. लेकिन गोरक्षा होनी चाहिए, गोरक्षा केवल कानून से नहीं होती. इसे मॉब लिंचिंग से न जोड़ें. मुस्लिम लोग भी गोशाला चला रहे हैं. गोतस्कर जो हमला करते हैं उस पर कोई कुछ नहीं बोलता, यह प्रवृत्ति छोड़नी होगी. गोरक्षा करने वाले लोग सात्विक तरीके से यह काम कर रहे हैं. उपद्रवी लोगों को इससे न जोड़ें. 
  • 18:46(IST)
    भागवत ने कहा कि हमने धर्म के नाम पर बहुत अधर्म किए हैं इसलिए हमें हिंदुत्व के विचार पर चलने का अभ्यास करना चाहिए. पहले अच्छा हिंदू बनने की कोशिश करना चाहिए. 
  • 18:44(IST)
    महिला सुरक्षा पर भागवत ने कहा कि कानून का लोगों को भय कम रहता है इसलिए समाज को खुद भी बदलना होगा. लोगों में आंखों की शर्म होनी चाहिए. कई जगह महिलाएं शाम को 5 बजे के बाद बाहर नहीं जातीं और कई जगह देर रात के बाद भी बेखौफ जाती हैं. हमें महिलाओं को निडर करने की दिशा में काम करने होंगे. 
  • 18:42(IST)
    महिलाओं और संघ पर विचार रखते हुए भागवत ने कहा, महिलाएं पुरुषों से कंधे मिलाकर काम कर रही हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा. हमें महिलाओं को देखने के नजरिए को बदलना होगा. हमारा आदर्श है कि अपनी पत्नी को छोड़कर सभी को माता की दृष्टि से देखें. हमें इस दिशा में लोगों को प्रशिक्षण देना होगा. 
  • 18:39(IST)
    उन्होंने कहा कि किसी एक भारतीय भाषा को हर हाल में सीखना चाहिए. इससे पूरे देश को जोड़ा जा सकेगा. हिंदी बोलने वालों को भी किसी दूसरे क्षेत्र की भाषा को सीखना चाहिए. संस्कृत के विद्यालय घट रहे हैं क्योंकि लोग इसमें मन नहीं लगा रहे इसलिए सरकार का भी ध्यान इसमें नहीं जा रहा. 
  • 18:35(IST)
    भागवत ने कहा कि हमें अपनी भाषाओं को सम्मान देना चाहिए. किसी भाषा से शत्रुता की जरूरत नहीं है लेकिन अंग्रेजी के हौवे को मन से निकाल देना चाहिए. हर देश अपनी भाषा का सम्मान करता है. फ्रांस, चीन, इजरायल और अमेरिका इसका उदाहरण है. 
  • 18:31(IST)
    भागवत ने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि छात्रों को डिग्री मिल रही है लेकिन रोजगार नहीं मिल रहा. इसलिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए. 
  • 18:30(IST)
    उन्होंने कहा, बच्चों को उनकी रुचि के मुताबित काम और पढ़ाई करने देना चाहिए. बच्चों को केवल पैसा कमाने के लिए दवाब नहीं डालना चाहिए. 
  • 18:24(IST)
    भागवत ने कहा कि नई शिक्षा नीति की दिशा में काम होना चाहिए. शिक्षा देने वालों का स्तर थोड़ा घट रहा है. 
  • 18:19(IST)
    भागवत ने कहा, 50 के दशक में संघ में केवल ब्राह्मण नजर आते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है. संघ में हर जाति वर्ग का समावेश है. 
  • 18:18(IST)
    भागवत ने कहा, हम विषमता में विश्वास नहीं करते. हम किसी से उसकी जाति नहीं पूछते.  
  • 18:15(IST)
    भागवत ने कहा कि हम सभी हिंदुओं को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं और हमने यह करके दिखाया भी है. 
  • 18:14(IST)
    उन्होंने कहा, हिंदू समाज जातियों में नहीं बंटेगा क्योंकि हर हिंदू की आत्मा एकता में ही विश्वास करती है. संघ के स्वयंसेवक भी कभी भेदभाव नहीं करते.  
  • 18:06(IST)
    भागवत ने कहा कि हिंदुत्व एक प्रक्रिया है जो हमेशा चलती रहती है. इसमें सभी का योगदान है. 
  • 18:05(IST)
    उन्होंने कहा, कुछ लोग यह जानते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन इस पर उन्हें कोई गर्व नहीं होता लेकिन कई लोग इस बात पर गर्व भी करते हैं. 
  • 18:02(IST)
    उन्होंने कहा, पहचान और राष्ट्रीयता की दृष्टि से भारत में रहने वाले सब लोग हिंदू हैं. 
  • 18:00(IST)
    भागवत ने कहा कि दूसरे मतपंथों के साथ तालमेल करने वाली एक मात्र विचारधारा हिंदुत्व है. यह भारत की विचारधारा है. 
  • 17:56(IST)
     संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि इस देश में कोई भी पराया नहीं है. परायापन कुछ लोगों ने खुद खड़ा किया है. हमारी परंपरा तो एकता सिखाती है. 
  • बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण' का तीसरा दिन है. सोमवार को पहले दिन के कार्यक्रम में संघ प्रमुख भागवत ने लोगों को संबोधित किया था. वो दो दिनों से संघ के दृष्टिकोण को प्रस्तुत कर रहे हैं.
    भागवत ने अपने पहले दिन के संबोधन में डॉ हेडगेवार और उनका संघ के निर्माण में योगदान के बारे में लोगों को बताया था. उन्होंने आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान का भी जिक्र किया था.
    बुधवार को 'भविष्य का भारत: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का दृष्टिकोण' कार्यक्रम में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत भावी भारत के बारे में संघ का दृष्टिकोण क्या है पर बोल रहे हैं.

ब्रिटेन: मस्जिद के पास भीड़ में घुसी कार, तीन घायल, पुलिस को आशंका 'हेट क्राइम' की

मेट्रोपॉलिटन पुलिस इस घटना को हेट क्राइम के रूप में देख रही है, और स्कॉटलैंड यार्ड ने जांच शुरू कर दी है
ब्रिटेन की पुलिस के मुताबिक लंदन के नॉर्थवेस्ट इलाके की एक में मस्जिद के पास एक कार भीड़ में घुस गई. जिसमें तीन लोग घायल हो गए. मेट्रोपॉलिटन पुलिस इस घटना को हेट क्राइम के रूप में देख रही है. जिसके बाद स्कॉटलैंड यार्ड ने जांच शुरू कर दी है.
ऑक्सगेट लेन पर बड़ी संख्या में पैदलयात्रियों से कार के टकराने की खबरों पर मेट्रोपोलिटन पुलिस को क्रिकलवुड में अल-मजलिस अल-हुसैनी मुस्लिम मस्जिद में बुलाया गया. इस घटना में 20 से 25 साल की उम्र के दो लोगों को मामूली चोट आई है. वहीं 50-55 साल के एक शख्स को गंभीर चोटें लगी हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस के बयान में कहा गया कि घटना को आतंकी कृत्य नहीं माना जा रहा है बल्कि यह घृणा अपराध के तौर पर की गई लगती है.मस्जिद में व्याख्यानमाला का आयोजन कर रहे हुसैनी एसोसिएशन के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारे समुदाय पर इस तरह के हमले से हम स्तब्ध हैं.’
वहीं स्थानीय सीआईडी के एक अधिकारी का कहना है कि वह इस हमले को गंभीरता से ले रहे हैं. और इस मामले में कई जांचे शुरू कर दी गई हैं. उनका कहना है कि कार को ट्रेस किया जा रहा है और इस कृत्य में शामिल लोगों को जल्द पकड़ लिया जाएगा.

समाचार पत्र और हिंदी के विकास हेतु साहित्य संघ की स्थापना


कानपुर | हिंदी साहित्य को विश्वपटल पर लोकप्रिय बनाने हेतु साहित्य संगम संस्थान संकल्पबद्ध है इस हेतु साहित्य संघ की स्थापना की जा रही है । संस्था के अध्यक्ष आदरणीय राजवीर सिंह मंत्र जी,  शिरोमणि डॉ अरुण श्रीवास्तव अर्णव जी,संरक्षक आचार्य भानु प्रताप जी, सचिव  कविराज तरुण सक्षम, संस्थान की विधिक सलाहकार पूर्व न्यायाधीश डॉ मीना भट्ट जी, म.प्र. मीडिया प्रभारी डॉ राजलक्ष्मी शिवहरे , उपाध्यक्ष प्रसिद्ध व्यवसायी  आदरणीय किशनलाल अग्रवाल जी, सवेरा  पत्रिका की प्रबंध संपादक व उपाध्यक्ष सौम्या मिश्रा अनुश्री व तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रमुख  प्रदीप पांडेय दीप जी  व अलंकरण प्रमुख आदरणीय कैलाश मंडलोई कदम्ब जी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आदरणीय राजेश पुरोहित जी,  सह संरक्षक रिखबचंद राका कल्पेश जी नारी मंच प्रमुख सुचि संदीप , अर्चना राय व कुमुद श्रीवास्तव जी, सरोज ठाकुर जी द्वारा सयुंक्त बैठक में संघ के निर्माण हेतु  अभूतपूर्व निर्णय लिया गया ।
 संस्थान सभी हिंदी प्रेमी संस्थाओं को आह्वान करता है कि वे संगम में समाहित हो साहित्य सृजन कर हिंदी का गौरव बढाएँ ।
इस दिशा में साहित्य संगम संस्थान की मध्यप्रदेश शाखा ने विश्ववाणी संस्थान व अभियान संस्था के साथ संयुक्त रूप से पुस्तक विमोचन,  समीक्षा ,सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन का   आयोजन 28 अक्टूबर 2018 को करने का निश्चय किया है ।
इस बैठक में साहित्य संगम संस्थान की ओर से संस्था की कोषाध्यक्ष श्रीमती छाया सक्सेना ' प्रभु 'जी , विश्ववाणी संस्थान के प्रमुख आचार्य संजीव सलिल जी व अभियान  संस्था के अध्यक्ष आदरणीय बसंत शर्मा जी ने एक संयुक्त बैठक में चर्चा कर संघ की स्थापना हेतु निर्णय लिया है ।

जो भी संस्था  इसमें जुड़ना चाहें इस न पर सम्पर्क करें- 7024285788 

इस आयोजन को यादगार बनाने हेतु साहित्य संघ स्मारिका का निर्माण किया जा रहा है जिसमें  कोई भी रचनाकार भाग ले सकता है कुछ शर्तें हैं जिनका पालन करना आवश्यक  होगा । अधिक जानकारी हेतु ऊपर दिए गए नम्बर पर सम्पर्क करें ।

Monday, September 17, 2018

बीजेपी सांसद के पैर धुलवाकर पी गया पानी, फिर कहा- भाई के साथ जुड़ा है इमोशन

निशिकांत दुबे के समर्थक पवन शाह ने कहा इस काम को राजनीतिक रूप न दें, उसने अपने गुरु के पांव धोए और वो पानी पी लिया तो कौन सा गुनाह कर दिया

झारखंड के गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे अपनी एक गलत हरकत की वजह से सुर्खियों में छा गए हैं. उनके एक फेसबुक पोस्ट की वजह से उन्हें लोग ट्रोल कर रहे हैं. दरअसल उस तस्वीर में दुबे अपने एक समर्थक से सार्वजनिक रूप से मंच पर पांव धुलवाते नजर आ रहे हैं. बाद में उस कार्यकर्ता ने पांव धुले उस पानी को चरणामृत समझकर पी भी लिया. सिर्फ इतना ही नहीं अब उस समर्थक ने अपनी तरफ से सफाई भी दी है. निशिकांत दुबे के समर्थक और कार्यकर्ता पवन शाह ने कहा- 'मेरे इस काम को राजनीतिक रूप न दें. मैनें अपने गुरु के पांव धोए और वो पानी पी लिया तो कौन सा गुनाह कर दिया. ये उनके प्रति मेरी भावनाएं थीं. वह मेरे भाई की तरह हैं. जो मेरी झूठी निंदा कर रहे हैं मैं उनके खिलाफ केस करूंगा.
आपको बता दें कि बीते रविवार को निशिकांत दुबे 21 करोड़ रुपए की लागत वाले कलाली कनभारा पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे. यहां मंच पर भाषण देने के बाद उनके एक समर्थक और कार्यकर्ता पवन शाह ने सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने उनका पैर धोकर स्वागत किया. यही नहीं उसने पांव धुले उस पानी को चरणामृत मानकर पी भी लिया. हैरानी की बात यह है कि जब यह सब हो रहा था तो निशिकांत दुबे खुशी-खुशी इसे देख रहे थे. उन्होंने उसे रोका भी नहीं. भीड़ में मौजूद किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो गई.
वहीं निशिकांत दुबे ने भी इस तस्वीर को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए कार्यकर्ता की महानता की तारीफ की. इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट कर उनकी आलोचना की. यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. ट्रोल होने के बाद बीजेपी सांसद ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज में मेहमान के पैर धोने की पुरानी परंपरा है. फेसबुक पोस्ट पर विवाद बढ़ने पर निशिकांत दुबे ने दोबारा उसी तस्वीर के साथ दूसरी पोस्ट डाली. इसमें उन्होंने ट्रोल करने वालों पर पलटवार करते हुए लिखा, 'अपनों में श्रेष्ठता बांटी नहीं जाती. कार्यकर्ता यदि खुशी का इजहार पैर धोकर कर रहा है तो क्या गजब हुआ. उन्होंने जनता के सामने कसम खाई थी और उनको ठेस ना पहुंचे इसलिए उनका सम्मान किया.' 

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